महाधन सिलिकॉन

  • प्राकृतिक आकारहीन सिलिका – सिलिकॉन ऑक्साइड (SiO2) -75%
  • पौधे आमतौर पर जैव-उपलब्ध सिलिकॉन को सिलिकेट के रूप में अवशोषित करते हैं – जो आम तौर पर मोनोसिलिसिक या ऑर्थोसिलिसिक एसिड के रूप में जाना जाता है।
  • मिट्टी में, सिलिका आम तौर पर खनिज क्वार्ट्ज और मिट्टी के रूप में प्रचुर मात्रा में है, लेकिन घुलनशील रूप में इसकी प्रचुरता (घुलनशील रूप में मोनो (मोनो-सिलिसिक एसिड)) अत्यधिक परिवर्तनशील है।
  • पौधे अपनी जड़ों और प्ररोह उतकों में सिलिकॉन लेते हैं लेकिन इसे प्ररोह ऊतकों के माध्यम से लौटाया नहीं जाता है, बल्कि इसे जैव निम्नीकरण (बायोडिग्रेडेशन) के माध्यम से लौटाया जाता है।
  • सिलिकॉन पौधों की कोशिका की दीवारों में सिलिका के रूप में जमा हो जाता है, जिससे कोशिका की दीवार की संरचनात्मक कठोरता और शक्ति, पौधे की रचना और पत्तियों की ऊर्ध्वता में सुधार होता है।
  • पौधों में, सिलिका (Si) पोषक तत्वों के उद्ग्रहण और पौधों के प्रकाश संश्लेषण को उत्तेजित और रोग एवं कीट क्षति के प्रति ग्रहणशीलता को कम कर सकता है, पानी और विभिन्न खनिज दबावों को घटा सकता है और एल्यूमीनियम के विषाक्त प्रभावों को कम कर सकता है।
  • सिलिकॉन उर्वरक कीट रोगों के हमले और कवकीय हमलों जैसे जैविक दबावों का प्रतिरोध करने या उन्हें सहने की पौधों की क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
  • सिलिकॉन उर्वरक अम्लता, लवणता और विषाक्तता के कारण अजैविक दबावों को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
  • सिलिकॉन उर्वरक पानी के नुकसान और वाष्पोत्सर्जन को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
  • इसलिए किसानों को प्रति यूनिट खेत अधिक प्रतिफल के साथ अधिक उपज और एक स्वस्थ फसल प्राप्त होती है।
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